बिहार सरकार ने आज 3 जनवरी से पूरे राज्य के 15 से 18 वर्ष के बच्चों के लिए वैक्सीनेशन की शुरुआत की, सरकार ओमिक्रोन को लेकर सरकार सतर्क

बिहार में 15 से 18 वर्ष तक के 83 लाख 46 हजार बच्चों का कोरोना से बचाव को लेकर वैक्सीनेशन। और इस की शुरुआत आज से ही कर दी गई है।

सीएम नीतीश कुमार ने पटना के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान ( IGIMS ) में इस अभियान का शुभारंभ किया है।

पहला टीका लखीसराय की रहने वाली रितिका को लगाया गया। इस दौरान बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय भी मौजूद रहे।

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कार्यक्रम की शुरुआत के बाद सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में बच्चों के वैक्शीनेशन को लेकर पूरी तैयारी है।

जिस तरह बिहार ने बड़ों के वैक्सीनेशन में रिकॉर्ड बनाया है, उसी तरह उम्मीद है कि बच्चों की भी वैक्सीनेशन होगी।

तो वहीं स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि जनवरी में 15 से 18 वर्ष के सभी बच्चों को वैक्सीनेट कर दिया जाएगा।

ओमिक्रोन को लेकर हुई सरकार सतर्क

सीएम ने कहा कि ओमिक्रोन को लेकर सरकार सतर्क है. वहीं बिहार में नाइट कर्फ्यू को लेकर सीएम ने कहा कि मंगलवार को बिहार में कोरोना की स्थिति को लेकर बैठक है।

इसके बाद ही तय होगा कि यहां कर्फ्यू लगाए जाएंगे या नहीं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि संक्रमण की रफ्तार को देखते हुए 1 सप्ताह के लिए जो भी निर्णय होगा सरकार लेगी।

बता दें कि बिहार में कुल 2801वैक्सीनेशन सेंटर बनाया गया है। जिसमें गया में सबसे अधिक 243 सेंटर बनाए गए हैं, जबकि दूसरे नंबर पर भोजपुर है जहां 229 वैक्सीनेशन सेंटर बने हैं।

बड़ों के बाद अब बच्चे भी वैक्सीनेशन के लिए जागरूक 

बिहार में पिथले कुछ दिनों से कोरोना ने एकबार फिर रफ्तार पकड़ ली है. जिसके बाद ये वैक्सीनेशन अहम है। पहले बिहार मे 350 दिन में 10 करोड़ वैक्सीनेशन का रिकॉर्ड बना था।

अब बिहार में बच्चों के वैक्सीनेशन को लेकर बड़ी तैयारी की जा रही है. इसके लिए सरकार ने व्यापक स्तर पर जागरुकता अभियान भी चलाया है।

स्कूलों ने गार्जियन और बच्चों को वैक्सीनेशन की जानकारी देकर इसके फायदे बताएं हैं और उन्हें वैक्सीनेशन के लिए प्रोत्साहित किया है।

बना वैक्सीनेशन के लिए अलग-अलग जोन 

बिहार सरकार के स्वास्थ विभाग ने वैक्सीनेशन को लेकर जिलों को अलग-अलग जोन में बांटा गया है। इन्हें ग्रीन जोन, येलो जोन और रेड जोन में बिहार को बांटा गया है।

इनमें जहां 200 से अधिक सेंटर हैं उसे ग्रीन जोन में जबकि 100 से कम वाले सेंटर वाले जिले को येलो जोन है और 50 से कम सेंटर वाल जिले को रेड जोन में रखा गया है।

ग्रीन जोन में आने वाले जिले हैं गया-243, भोजपुर-229, पूर्वी चंपारण-204, नवादा-208, बक्सर-176, सुपौल-175

तो वहीं येलो जोन में आने वाले जिले हैं दरभंगा-90, पटना-87, औरंगाबाद-86, कैमूर-73, जबकि रेड जोन वाले जिले पश्चिम चंपारण-18, वैशाली-17, मधेपुरा-14, अररिया-0,अरवल-6 जहानाबाद-7, किशनगंज-7 शेखपुरा-8 और शिवहर-8 है।

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