कोरोना अपडेट: बिना नए पंजीकरण करे आज से अतिरिक्त एहतियाती खुराक के लिए बुक कर सकेंगे स्लॉट। जानें कैसे किया करना होगा।

देश में कोरोना के मामले एक बार फिर बढ़ते जा रहे हैं। इसे तीसरी लहर माना जा रहा है। हालांकि राष्ट्रीय राजधानी में इसे पांचवीं लहर तक कहा जा रहा है। 

बहरहाल, कोरोना और उसके नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के खिलाफ जंग में टीके की अतिरिक्त एहतियाती खुराक लेने की बात विशेषज्ञों ने कही है।

ऐसे में आइए जानते हैं देश में इस अतिरिक्त टीके को लगवाने के लिए आपको क्या कुछ करना होगा?

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नए पंजीकरण की जरूरत नहीं 

देश में कोरोना के एहतियाती टीके के लिए शनिवार से आवेदन शुरू हो रहा है।

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि जो लोग कोविड -19 वैक्सीन की बूस्टर डोज या ‘एहतियाती खुराक’ लगवाना चाहते हैं, उन्हें कोविन पोर्टल पर नए सिरे से या यूं कहें कि नया पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) करने/ कराने की आवश्यकता नहीं है।

मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि टीका लगवाने के इच्छुक ऑनलाइन आवेदन करके स्लॉट बुक कर सकते हैं, अथवा सीधे टीकाकरण केंद्र पर जाकर टीका लगवाने का समय ले सकते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 दिसंबर को देश के नाम संबोधन में अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों, स्वास्थ्य कर्मियों और बुजुर्गों को वैक्सीन की अतिरिक्त खुराक लगाए जाने का अभियान 10 जनवरी से शुरू करने का एलान किया था।

एक ही टीका लगना है, पर ध्यान रहे ! 

दिशा-निर्देशों के अनुसार, इस अभियान के तहत फिलहाल एक ही टीका लगाया जाना है। इसमें किसी भी तरह के मिश्रण (मिक्स-मैच) यानि दो अलग-अलग वैक्सीन की खुराक लगाए जाने की अनुमति नहीं दी गई है।

इसका मतलब है कि जिन लोगों को कोवैक्सिन की पहली और दूसरी खुराक दी गई थी, उन्हें ‘एहतियाती खुराक’ के तौर पर कोवैक्सिन का ही डोज लेना होगा।

इसी तरह जिन्हें कोविशील्ड की पहली और दूसरी खुराक मिल चुकी है, उन्हें तीसरी और अतिरिक्त खुराक में कोविशील्ड का टीका ही लगेगा। ऐसे में टीकाकरण केंद्र पर इस बात का जरूर ध्यान रखें।

कितने फीसदी वयस्कों को दी गई पहली खुराक

देश में शुक्रवार को टीकाकरण का आंकड़ा 150 करोड़ के पार पहुंच गया। इसके साथ ही 91 फीसदी से ज्यादा लोगों को पहला टीका दिया जा चुका है।

स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों की अथक परिश्रम और पीएम के नेतृत्व के कारण इतने कम समय में यह लक्ष्य प्राप्त करने में कामयाबी मिली।

पिछले साल 21 अक्तूबर को भारत में 100 करोड़ टीकाकरण का आंकड़ा पार किया था।

इस उपलब्धि पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, जब सभी साथ मिलकर प्रयास करते हैं तब कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देश में 91 फीसदी वयस्कों को टीके का कम से कम एक डोज लग चुका है, जबकि 66 फीसदी लोगों को दोनों खुराक दी जा चुकी है।

वहीं 15 से 18 वर्ष के किशोरों के लिए 3 जनवरी से शुरू हुए टीकाकरण अभियान में अब तक 22 फीसदी से ज्यादा लोगों को पहली खुराक दी जा चुकी है।

पिछले साल 16 जनवरी को हुआ टीकाकरण का आगाज 

देश में स्वास्थ्य कर्मियों को टीके लगाने के साथ पिछले साल 16 जनवरी को टीकाकरण की शुरुआत हुई थी। दूसरे चरण में 2 फरवरी से फ्रंटलाइन वर्कर को कोरोना टीके लगाने की शुरुआत हुई थी।

तीसरे चरण में 1 मार्च से 60 वर्ष से अधिक और 45 वर्ष से ऊपर के विभिन्न रोगों से ग्रस्त लोगों को कोरोना की खुराक दी गई।

वहीं 45 वर्ष से ऊपर के सभी लोगों के टीका देने की शुरुआत पिछले साल 1 अप्रैल से हुई।

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