ओमीक्रॉन अपडेट: एम्स के प्रमुख डॉ रणदीप गुलेरिया ने गुरुवार को लोगों से ओमिक्रॉन पर यह सावधानी बरतने को कहा।

देश में ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों के बीच, एम्स के प्रमुख डॉ रणदीप गुलेरिया ने गुरुवार को लोगों से सावधानी बरतने को कहा।

उन्होंने कहा कि इस समय उचित मास्किंग, हाथ धोना, भीड़ से बचना और टीकाकरण सहित कोविड ​​उपयुक्त व्यवहार का पालन महत्वपूर्ण है।

हालांकि, उन्होंने कहा कि भले ही ओमिक्रॉन वैरिएंट का असर हल्का है, लेकिन सभी से सतर्क रहने की जरूरत है। गुलेरिया ने कहा, “घबराएं नहीं, यह एक हल्की बीमारी है, लेकिन सतर्क रहें।”

ओमिक्रॉन से जल्दी रिकवर हो रहे लोग: गुलेरिया 

इससे पहले, डॉ गुलेरिया ने बताया था कि ओमिक्रॉन वैरिएंट मुख्य रूप से फेफड़ों के बजाय ऊपरी सांस लेने की जगहों को प्रभावित करता है – और बिना कॉमरेडिटी वाले लोगों को घबराना नहीं चाहिए और अस्पताल जाने से बचना चाहिए।

द इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए उन्होंने कहा कि प्रभावी होम आइसोलेशन पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए क्योंकि नए वैरिएंट के लिए रिकवरी का समय बहुत तेज है।

उन्होंने कहा, “हम यहां जो देख रहे हैं वह बुखार, बहती नाक, गले में खराश और शरीर में बहुत दर्द और सिरदर्द है। यदि इनमें से कोई भी लक्षण बना रहता है, तो उन्हें आगे आना चाहिए और अपना टेस्ट करवाना चाहिए।”

पिछले साल की तुलना में बेहतर स्थिति में भारत: गुलेरिया 

पिछले हफ्ते, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा था कि जीनोमिक सर्विलांस के माध्यम से 1,270 ओमिक्रॉन मामलों का पता चला है, जिनमें से 374 पूरी तरह से ठीक हो गए हैं।

भारत के कोविड टास्क फोर्स के सदस्य, डॉक्टर गुलेरिया ने कहा कि अस्पताल के बिस्तर उन लोगों के लिए खाली छोड़े जाने चाहिए जो गंभीर बीमारी की चपेट में हैं।

हालांकि, उन्होंने कहा कि नए साल की शुरुआत में देश पिछले जोखिम से इस बार वैक्सीन के चलते बेहतर स्थिति में है।

26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैला ओमिक्रॉन वैरिएंट 

उन्होंने कहा कि महामारी खत्म नहीं हुई है। गुलेरिया ने कहा कि देश नए कोविड ​​मामलों में वृद्धि देख रहा है और इसलिए अधिक सतर्क रहने का समय है।

गुलेरिया के अनुसार, नए वैरिएंट से लड़ने के लिए कोविड-उपयुक्त व्यवहार सबसे शक्तिशाली उपकरण है। डॉ गुलेरिया का बयान ऐसे समय में आया है।

जब पिछले 24 घंटों में ओमिक्रॉन के 495 ताजा मामले दर्ज किए जाने के बाद देश की कुल टैली बढ़कर 2,630 हो गई, जिसमें महाराष्ट्र और दिल्ली सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने और जानकारी देते हुए कहा कि अब तक 26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह वैरिएंट फैल चुका है।

अगर फैल हो जाये ओमीक्रोन के आगे वैक्सीन ता इन तरीकों से करें खुद की

जब पूरी दुनिया SARs-COV-2 वायरस के प्रभाव से जूझ रही थी उस समय कोरोनावासरस की वैक्सीन असतित्व में आई।

लोगों के लिए इस समय वैक्सीन वरदान साबित हुई और कई लोग आज भी इस पर अपना भरोसा बनाए हुए हैं।

विशेषज्ञ वैक्सीन की प्रभावशीलता को लेकर नए कोविड वेरिएंट ओमिक्रॉन के आने के साथ थोड़ा संदेह जता रहे हैं।

अधिकांश देशों में शुरूआती शोध से पता चला है कि कोविड -19 ओमिक्रॉन वेरिएंट के खिलाफ बचाव करने में वैक्सीन सक्षम नहीं है, जबकि ओमिक्रॉन से संक्रमण को रोकने में फाइजर और मॉडर्न टीके ने कुछ कामयाबी हासिल की है।

वैश्विक स्तर पर संक्रमण के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए विशेषज्ञों ने लोगों से हर समय सर्तक और जागरूक रहने की गुजारिश की है।

उन्होंने कहा है कि ऐसे में जब कोविड-19 वैक्सीन ओमिक्रॉन से लोगों को सुरक्षित रखने में फेल होती दिख रही है, निवारक उपाय करना ही एकमात्र तरीका है।

लेकिन दुर्भाग्य से ये दोनों ही वैक्सीन अधिकांश देशों में उपलब्ध नहीं है। शोधकर्ताओं के अनुसार, यह न केवल समाज में लोगों के लिए बड़ा खतरा पैदा कर सकता है।

बल्कि भविष्य में कोविड-19 के अन्य नए वेरिएंट उभरने का कारण भी बन सकता है। जिससे हम अपनी और अपने करीबियों की सुरक्षा कर सकते हैं।

​इन हाउस पार्टीस अवॉइड करें

यह ध्यान रखना जरूरी है कि ओमिक्रॉन वेरिएंट बहुत तेजी से फैल रहा है, ऐसे में इन हाउज पार्टी अवॉइड करें और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से परहेज करें।

छुट्टियों के मौसम में लोग बाहर घूमने और पार्टी करने की प्लानिंग कर रहे हैं, लेकिन क्योंकि ओमिक्रॉन अप्रत्याशित है और किसी को भी संक्रमित कर सकता है।

​हर वक्त मास्क पहने रहें 

वैसे आपने टीका लगवाया है या नहीं, इससे कोई खास फर्क नहीं पड़ता। ओमिक्रॉन इतना खतरनाक है कि संक्रमण का खतरा सभी को है।

विशेषज्ञों ने कहा है कि ओमिक्रॉन से सबसे ज्यादा खतरा उन लोगों को है, जो या तो पहले से ही किसी स्वास्थ स्थिति से जूझ रहे हैं या फिर जिन्होंने वैक्सीन नहीं लगवाई है।

यह देखते हुए कि नया वेरिएंट ज्यादा संक्रामक है और वैक्सीन इम्यूनिटी से बचकर निकल सकता है, हमें सावधान रहना चाहिए। मास्क पहनने के साथ लोगों से दूरी बनाए रखनी चाहिए।

​वैक्सीन की पूरी डोज न लेने वालों से दूर रहें 

साथ ही जिन लोगों को वैक्सीन की सभी डोज नहीं लगी हैं उनसे दूरी बनाए रखना बहुत जरूरी है।

CDC के अनुसार, जिन जगहों पर कोविड-19 के मामले बहुत ज्यादा हैं, वहां भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने बचना चाहिए और सबसे पहले रैगुलर मास्क पहने रहना चाहिए।

​बूस्टर शॉट्स ओमिक्रॉन से बचाव करने में कारगार 

फाइजर बायोएनटेक और मॉडर्ना की वैक्सीन मैन्युफैक्चरिंग कंपनीज ने हाल ही में डेटा जारी किया है , जिसमें ओमिक्रॉन वेरिएंट के खिलाफ उनके वैक्सीन और बूस्टर डोज की प्रभावशीलता के बारे में बताया है।

जैसे-जैसे देश में कोविड के मामले बढ़ रहे हैं, वैक्सीन बूस्टर की मांग में तेजी आई है।

जहां तक भारत की बात है, तो देश में बूस्टर वैक्सीन को अधिकृत करने पर चर्चा चल रही है।

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शियस डिजीज के निदेशक और अमेरिकी राष्ट्रपति के मुख्य चिकित्सा सलाहकार एंथनी फौसी ने कहा है कि नए बूस्टर शॉट ओमिक्रॉन से बचाव करने में कारगार हैं और इनमें सुधार की कोई जरूरत नहीं है।

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